मेरी जिंदगी के 4 सपने जिन्हें मैं पूरे करना चाहता हूं




मैंने बहुत कम सपने देखे हैं लेकिन मैं यह स्वीकार करता हूं कि परमात्मा ने उन्हें वक्त के साथ हकीकत में तब्दील किया है। फिर भी ख्वाहिशें हैं कि खत्म होने का नाम नहीं लेतीं और जिंदगी मुट्ठी में बंद रेत की तरह लगातार निकलती जा रही है। पता नहीं अभी दुनिया में कितने दिन और रहूंगा लेकिन ऊपर वाले से मैं इन 4 सपनों के सच होने की दुआ मांगता हूं।

जिस दिन मेरे पास पर्याप्त पैसे होंगे मैं ये चार काम करना चाहूंगा।

1- मेरा सपना है कि मैं एक बार लद्दाख जरूर जाऊं। वहां की पहाड़ियां, बौद्ध मंदिर और प्रार्थना चक्र बहुत खूबसूरत होते हैं। मैं उन्हें देखना चाहता हूं।

2- मैं तिब्बत स्थित पोटाला महल देखना चाहता हूं। यह दुनिया को शांति का संदेश देने वाली इमारत है। मैं अक्सर इसके सपने लेता हूं।

3- मैं मेरी लाइब्रेरी गांव का गुरुकुल को एक स्कूल के रूप में शुरू करना चाहता हूं। मेरी हार्दिक इच्छा है कि इसे एक ऐसा स्कूल बनाया जाए जहां बच्चों को सुंदर हैंडराइटिंग के तरीके सिखाए जाएं। इसका पहला शिक्षक बनने के लिए मैं बेताब हूं। अगर सब कुछ ठीक चला तो मैं इसे एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाना चाहूंगा जिसके विषय सबसे ज्यादा व्यावहारिक लेकिन सबसे अलग हों।

4- अगर मैं ऐसा करने में कामयाब हो गया तो भारत के राष्ट्रपति जी को बुलाना चाहूंगा कि वे आएं और गांव का गुरुकुल का अवलोकन करें।

मुझे मालूम है कि अभी ये महज एक सपना ही है और जो लोग मुझे करीब से जानते हैं वे निश्चित रूप से मेरी मूर्खता पर हंस रहे होंगे लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि एक दिन मेरे ये 4 सपने जरूर सच होंगे।

इनके लिए मैंने गुल्लक में पैसे इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं। अगर ईश्वर फेसबुक पर डाली गई मेरी ये पोस्ट पढ़ रहे हैं तो मैं उन्हें कहना चाहूंगा कि Please, Please, Please, मेरे ये सपने सच कर दीजिए।

- राजीव शर्मा, कोलसिया

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