इस बच्ची की दुआआें से मुझे जीने की ताकत मिलती है

मारवाड़ी परिवारों में जन्मदिन मनाने का चलन बहुत कम रहा है। अगर मनाते भी हैं तो परंपरागत तिथियों से। यहां अंग्रेजी कैलेंडर कोई काम नहीं आता।

अब कुछ सालों से लोग जन्मदिन मनाने लगे हैं और इस दिन की तस्वीरें संभाल कर रखने लगे हैं। मेरे पास ऐसी कोई तस्वीर नहीं है क्योंकि मैंने कभी उस तरह से अपना जन्मदिन नहीं मनाया जैसा कि लोग मनाते हैं।

... लेकिन इस दिन से जुड़ी एक चीज मैंने बहुत संभाल कर रखी है। पिछले जन्मदिन पर हमारे पड़ोस में रहने वाली एक बच्ची ने मुझे यह कार्ड भेंट किया था। वह पहली क्लास में पढ़ती है और चित्रकारी में उसकी बहुत दिलचस्पी है।

शुभकामनाओं का यह तोहफा मैं हमेशा मेरी डायरी में रखता हूं, क्योंकि इस बच्ची की दुआआें से मुझे जीने की ताकत मिलती है।

- राजीव शर्मा, कोलसिया -


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