इस चेक की कीमत का अनुमान लगाना मेरे लिए संभव नहीं


वैसे तो यह चेक सिर्फ 500 रुपए का है लेकिन मेरे लिए इसकी कीमत का अनुमान लगा पाना संभव नहीं है। यह 2014 में मुझे राजस्थान पत्रिका की परिवार मैग्जीन की आेर से मिला था। उसमें मेरी कहानी छपी थी - नर्इ सुबह का उजाला। वह मेरी पहली कहानी थी। कहानी का यह चेक मैंने बैंक में जमा नहीं कराया बल्कि आज भी संभालकर रखा है। मेरी वह कहानी पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए।

- राजीव शर्मा, कोलसिया -

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