चल पड़ी अपनी लाइब्रेरी


साथियों,

कुछ दिनों पहले मैंने गांव का गुरुकुल के ब्लॉग और इंटरनेट के दूसरे माध्यमों के जरिए आपसे कुछ ऑनलाइन किताबें (पीडीएफ में) मांगी थीं। मैं आप सबका शुक्रिया अदा करता हूं, क्योंकि उसके बाद मुझे कई साथियों के ई-मेल मिले और उन्होंने किताबें भेजीं। अब मैं यहां किताबें पेश करने का सिलसिला शुरू करता हूं। 
आभार सहित
राजीव शर्मा
संचालक
गांव का गुरुकुल

 002
 003
 004
 005 
 006
 007
 008
 009 
 010
 012
 013
 014
 015
 016
 017
 018
 019
 020
 021
 022
 024
 025
 026
 027
 028
 029
 030





















Comments

Popular posts from this blog

मारवाड़ी में पढ़िए पैगम्बर मुहम्मद साहब की जीवनी

आखिरी हज में पैगम्बर मुहम्मद साहब (सल्ल.) ने पूरी दुनिया के नाम दिया था यह पैगाम

A-Part of Ganv Ka Gurukul